"सकारात्मक ऊर्जा और ईश्वरीय संरक्षण का प्रभाव"

 जब मैं एमबीए कर रही थी, उस दौरान हमें पढ़ाई के लिए अक्सर ज़ेरॉक्स करवाना पड़ता था। लाइब्रेरी से किताबें इश्यू करवाते और पास की किसी दुकान से ज़ेरॉक्स करा लेते। ऐसे ही एक दिन मुझे कुछ नोट्स ज़ेरॉक्स करवाने थे। मैं अपने घर के पास की ज़ेरॉक्स की दुकान पर गई। मुझे काफी ज्यादा पेज ज़ेरॉक्स करवाने थे, इसलिए यह काम थोड़ा समय लेने वाला था।

ज़ेरॉक्स मशीन अपना काम शुरू कर चुकी थी, और सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। तभी एक आदमी दुकान में आया। उसने कुछ ही पन्नों का ज़ेरॉक्स करवाना था। मैंने उसे ध्यान से देखा, ऐसा लग रहा था कि उसका अभी-अभी कोई हल्का एक्सीडेंट हुआ है, या वह गिर गया है। उसके शरीर पर कुछ खरोंचें थीं और उनमें से हल्का-सा खून भी निकल रहा था।

क्योंकि मेरा ज़ेरॉक्स काम bulk में था, दुकानदार ने उसे प्राथमिकता दी और मेरा काम रोककर पहले उसका ज़ेरॉक्स शुरू कर दिया। मुझे कोई आपत्ति नहीं हुई, क्योंकि मेरे पास समय था। लेकिन इस दौरान मैंने एक अजीब बात नोट की। जब तक मेरा ज़ेरॉक्स हो रहा था, मशीन एकदम सही तरीके से काम कर रही थी। सब कुछ शांत और सहज था। लेकिन जैसे ही उस आदमी का ज़ेरॉक्स शुरू हुआ, मशीन में बार-बार पेपर फंसने लगे। ऐसा कई बार हुआ। दुकानदार ने मशीन को बार-बार ठीक करने की कोशिश की, लेकिन परेशानी बनी रही।

आखिरकार बड़ी मुश्किल से उसका ज़ेरॉक्स पूरा हुआ। उसने पैसे दिए और चला गया। अब दुकानदार ने फिर से मेरा ज़ेरॉक्स शुरू किया। मुझे डर था कि अब मशीन फिर से परेशानी करेगी। लेकिन, मेरे आश्चर्य की बात यह रही कि मशीन ने फिर से बिना किसी रुकावट के काम करना शुरू कर दिया। एक भी बार पेपर नहीं फंसा और पूरा काम बड़ी सहजता से पूरा हो गया। मैंने अपना ज़ेरॉक्स लिया, पैसे दिए और घर लौट आई।

लेकिन यह घटना मेरे लिए सोचने का विषय बन गई। चूंकि मैं खुद एक आध्यात्मिक व्यक्ति हूं, मैंने इसे उस दृष्टिकोण से देखा। मेरे मन में यही विचार आया कि अगर आपकी सकारात्मक ऊर्जा आपके साथ हो, तो हर काम आसानी से और बिना किसी रुकावट के पूरा हो जाता है। इसे आप अच्छे कर्मों का फल कह सकते हैं या किसी अदृश्य शक्ति की कृपा।

मैंने महसूस किया कि जब तक आपके चारों ओर सकारात्मकता होती है, तब तक हर काम सुचारू रूप से चलता है। इसे आप ईश्वर की कृपा कहें, भाग्य कहें या ब्रह्मांड की ताकत, वह आपको एक अदृश्य ढाल की तरह घेरकर रखती है और आपकी हर संभव रक्षा करती है।

यह घटना मुझे यह समझाने के लिए काफी थी कि जब आप आध्यात्मिकता के रास्ते पर चलते हैं और अपने कर्मों को सकारात्मक बनाए रखते हैं, तो छोटी-से-छोटी चीज़ें भी आपके पक्ष में काम करती हैं। मैंने खुद को ईश्वर की इस अनदेखी सुरक्षा को महसूस करते हुए हर छोटे-बड़े काम में उसका आभास किया। यह अनुभव मेरे लिए न केवल प्रेरणादायक था, बल्कि यह भी सिखाता है कि जीवन में सकारात्मकता और विश्वास कितना महत्वपूर्ण है।

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